Skip to main content

Posts

Moral story

  Moral story  Stroy of wife and husband शादी की सुहागसेज पर बैठी एक स्त्री का पति जब भोजनका थाल लेकर अंदर आया तो पूरा कमरा उस स्वादिष्ट भोजन की खुशबू से भर गया रोमांचित उस स्त्री ने अपने पति से निवेदन किया कि मांजी को भी यहीं बुला लेते तो हम तीनों साथ बैठकर भोजन करते। पति ने कहा छोड़ो उन्हें वो खाकर सो गई होंगी आओ हम साथ में भोजन करते है प्यार से, उस स्त्री ने पुनः अपने पति से कहा कि नहीं मैंने उन्हें खाते हुए नहीं देखा है, तो पति ने जवाब दिया कि क्यों तुम जिद कर रही हो शादी के कार्यों से थक गयी होंगी इसलिए सो गई होंगी, नींद टूटेगी तो खुद भोजन कर लेंगी। तुम आओ हम प्यार से खाना खाते हैं। उस स्त्री ने तुरंत Divorce लेने का फैसला कर लिया   और Divorce  लेकर उसने दूसरी शादी कर ली और इधर उसके पहले पति ने भी दूसरी शादी कर ली। दोनों अलग- अलग सुखी घर गृहस्ती बसा कर खुशी खुशी रहने लगे। इधर उस स्त्री के दो बच्चे हुए जो बहुत ही सुशील और आज्ञाकारी थे। जब वह स्त्री ६० वर्ष की हुई तो वह बेटों को बोली में चारो धाम की यात्रा करना चाहती हूँ ताकि तुम्हारे सुखमय जीवन के लिए प्रार्थ...

Moral story best story

Best story on google  Hearttouching story एकक  फकीर हुआ, अगस्तीन। कोई तीस वर्षों से परमात्मा की खोज में था। भूखा और प्यासा, रोता और चिल्लाता और प्रार्थना करता। एक क्षण का विश्राम न लेता। जीवन का कोई भरोसा नहीं है। परमात्मा को पा लेना है। तो सब भांति के उपाय उसने किए। बूढ़ा हो गया था, थक गया था, परमात्मा की कोई प्राप्ति न हुई थी। कोई दूर, परमात्मा निकट नहीं आया। बुढ़ापा निकट आ रहा था, मौत करीब आ रही थी उतने ही प्राण और चिंतित होते जाते थे। एक दिन सुबह-सुबह ही…रात भर रो कर भगवान से प्रार्थना करता रहा कि कब मुझे दर्शन दोगे? सुबह उठा और नदी के, समुद्र के किनारे घूमने चला गया। सूरज उगने को था। किनारा एकांत था समुद्र का, कोई भी वहां न था। थोड़ी दूर चलने पर एक छोटा-सा बच्चा उसे खड़ा हुआ दिखाई पड़ा एक चट्टान के पास। बहुत चिंतित, बहुत परेशान वह बच्चा था। अगस्तीन ने पूछाः तू किसलिए इतना परेशान है? और इतने सुबह-सुबह इस अकेले समुद्र के किनारे क्यों चला आया? उस बच्चे ने, अपने कंधे पर एक झोली टांग रखी थी। उस झोली में से एक बर्तन निकाला, छोटा सा बर्तन, और उसने कहा, मैं परेशान हूं। मैं इस बर्तन मे...

*हिन्दू कौन है ,

*हिन्दू कौन है , क्या आप जानते है , Hindu kya h?  *हिन्दू कौन है , क्या आप जानते है, नहीं जानते हैं तो जी मैने पढा़ उसे पढे़ और अगर, कोई त्रुटि हो तो अवगत कराये।* *"हिन्दू" शब्द की खोज -* *"हीनं दुष्यति इति हिन्दूः से हुई है।”* *अर्थात: जो अज्ञानता और हीनता का त्याग करे उसे हिन्दू कहते हैं ।* *' हिन्दू ' शब्द, करोड़ों वर्ष प्राचीन, संस्कृत शब्द से है !* यदि संस्कृत के इस शब्द का सन्धि विछेदन करें तो पायेंगे .... *हीन + दू = हीन भावना + से दूर* *अर्थात : जो हीन भावना या दुर्भावना से दूर रहे , मुक्त रहे , वो हिन्दू है !* हमें बार - बार, सदा झूठ ही बतलाया जाता है कि *हिन्दू* शब्द मुगलों ने हमें दिया , जो " सिंधु " से " *हिन्दू* " हुआ l  *हिन्दू* को गुमराह किया जा रहा है *हिन्दू शब्द की वेद से ही उत्पत्ति है !* *जानिए , कहाँ से आया हिन्दू शब्द और कैसे हुई इसकी उत्पत्ति ?* कुछ लोग यह कहते हैं कि *हिन्दू शब्द सिंधु से बना है औऱ यह फारसी शब्द है । परंतु ऐसा कुछ नहीं है ! ये केवल झुठ फ़ैलाया जाता है।* हमारे " वेदों " और "...

Save environment save life

   environment इन्ˈव़ाइरन्‌मन्‍ट्‌ 👏 Save environment save life *पीपल* 💚अकेला ऐसा पौधा जो दिन और रात दोनो समय आक्सीजन देता है 💛पीपल के ताजा 6-7 पत्ते लेकर 400 ग्राम पानी मे डालकर 100 ग्राम रहने तक उबाले,ठंडा होने पर पिए ब्रर्तन स्टील और एल्युमिनियम का नहीं हो, आपका ह्रदय एक ही दिन में ठीक होना शुरू हो जाएगा 💛पीपल के पत्तो पर भोजन करे, लीवर ठीक हो जाता है 💛पीपल के सूखे पत्तों का पाउडर बनाकर आधा चम्मच गुड़ में मिलाकर सुबह दोपहर शाम खायेँ, किंतना भी पुराना दमा ठीक कर देता है 💛पीपल के ताजा 4-5 पत्ते लेकर पीसकर पानी मे मिलाकर पिलाये,1- 2 बार मे ही पीलिया में आराम देना शुरू कर देता है 💛पीपल की छाल को गंगाजल में घिसकर घाव में लगाये तुरंत आराम देता है 💛पीपल की छाल को खांड (चीनी )मिलाकर दिन में 5-6 बार चूसे, कोई भी नशा छूट जाता है 💛पीपल के पत्तों का काढ़ा पिये, फेफड़ो, दिल ,अमाशय और लीवर के सभी रोग ठीक कर देता है 💛पीपल के पत्तों का काढ़ा बनाकर पिये, किडनी के रोग ठीक कर देता है व पथरी को तोड़कर बाहर करता है 💛किंतना भी डिप्रेशन हो, पीपल के पेड़ के नीचे जाकर रोज 30 मिनट बैठिए डिप्रेश...

International Olympic Day (or World Olympic Day)

International Olympic Day International Olympic Day (or World Olympic Day) हर साल 23 जून को, हमारे जीवन में खेल और खेल के महत्व को उजागर करने के लिए दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस (या विश्व ओलंपिक दिवस) मनाया जाता है। 1947 में, अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति के एक चेक सदस्य डॉक्टर ग्रस ने विश्व ओलंपिक दिवस की धारणा का प्रस्ताव रखा। दिन का मूल उद्देश्य जाति, पंथ या लिंग की परवाह किए बिना, शारीरिक व्यायाम और खेल में भाग लेने के लिए सभी की भागीदारी को प्रोत्साहित करना है। एक तरह से यह दिन दुनिया भर के उन अनगिनत खिलाड़ियों और एथलीटों को समर्पित है जिन्होंने अपना नाम बनाया है। उनमें से कई ने अपने देश का उस खेल में प्रतिनिधित्व करके अपने देश को गौरवान्वित किया है जिसमें वे उत्कृष्ट हैं और लोग उन्हें देखते हैं और उन्हें मूर्तिमान करते हैं। यदि आप अपनी पसंद के खेल में प्रशिक्षण शुरू करने के लिए कुछ प्रेरणा की तलाश कर रहे हैं, तो आपके आदर्शों के ये प्रेरणादायक उद्धरण आपकी मदद कर सकते हैं। 1- जनवरी 1948 में, स्विट्जरलैंड के सेंट मोरित्ज़ में 42वें IOC सत्र में, IOC ने अंतर्र...

about Mahendra Singh Dhoni -profile bio age

Mahendra Singh Dhoni ms dhoni full detail hindi and english    Mahendra Singh Dhoni is an Indian professional cricketer who was captain of the Indian national cricket team in limited-overs formats from 2007 to 2017 and in Test cricket from 2008 to 2014. He is a right-handed wicket-keeper batsman Dhoni was born in ranchi bihar (now in jharkhand) and hails from a hindu rajput family. He is the youngest of three children of Pan Singh and Devaki Devi. His paternal village Lwali, is in Jainti Tehsil, Lamgara block of the Almora Districk of Uttarakhand His parents moved from Uttarkhand to Ranchi Jharkhand where his father worked as a pump operator in junior management position in Mecon colony situated in Doranda area in Ranchi Unlike Dhoni, his uncle and cousins spell their surname as Dhauni Previously Dhoni was the goalkeeper for his DAV Jawahar Vidya Mandir school's football team, b...

UP Board Class 10th High School Result 2022

   Class 10th Result 2022 ( Live Update ) 16 June 2022  -  04:37 PM  :  The Chief Minister of Uttar Pradesh, Shri Yogi Adityanath ji has said that the result of Uttar Pradesh Board High School and Intermediate Examination should be released on time and the information should be given to the parents and students in advance. It is expected that the exam result date will be announced before 17th June 2022. 10 June 2022  -  06:11 PM  :  Uttar Pradesh Board UPMSP Class 10 High School 2022 Exam Result is likely to be released on or before 15th June 2022. . 07 June 2022  -  01:56 PM  :  UP Board Exam result 2022 will be released on these websites: UPMSP.Edu.in, UPResults.nic.in, How to Check Uttar Pradesh Board  UPMSP 10th Result 2022 Step 1 :  To check the result of Uttar Pradesh High School Examination, the candidate should have his/her roll number. Step 2 :  After the release of Uttar Pradesh High School Cl...